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right - ShareChat arodanwat4 ಲ आपने कभी सोचा है. अस्पताल के बिस्तर पर, लेटना जितना कठिन है, उससे कहीं ज्यादा कठिन है, उस बिस्तर के पास खड़े रहना। नर्स से हर बार.. बोतल बदलने के लिए कहना, और उस बेहद व्यस्त, डॉक्टर से हिम्मत जुटाकर कहना सर जरा एक बार, देख लीजिए ना.. हर रोज. उन, गिरते आँसुओं को पोंछते हुए दवाई लाना, और चेहरे पर मुस्कान = ओढ़कर  कहना अरे ! कुछ नहीं हुआ है . बस दो दिन की बात है, अपन जल्दी घर चलेंगे। कई बार बिस्तर पर लेटा हुआ मरीज जानता है हम कभी घर नहीं जा पाएंगे , अब अब हम कभी अपने दिल की बात नहीं कह पाएंगे। अब हम यही से सीधे विराम पे जाएंगे।  वो अंतिम में कहना बहुत कुछ चाहता है पर कभी कह नहीं पाता। मरीज होना कभी-कभी आसान होता है॰ अटेंडर होना , सबसे कठिन होता है। ShareChat arodanwat4 ಲ आपने कभी सोचा है. अस्पताल के बिस्तर पर, लेटना जितना कठिन है, उससे कहीं ज्यादा कठिन है, उस बिस्तर के पास खड़े रहना। नर्स से हर बार.. बोतल बदलने के लिए कहना, और उस बेहद व्यस्त, डॉक्टर से हिम्मत जुटाकर कहना सर जरा एक बार, देख लीजिए ना.. हर रोज. उन, गिरते आँसुओं को पोंछते हुए दवाई लाना, और चेहरे पर मुस्कान = ओढ़कर  कहना अरे ! कुछ नहीं हुआ है . बस दो दिन की बात है, अपन जल्दी घर चलेंगे। कई बार बिस्तर पर लेटा हुआ मरीज जानता है हम कभी घर नहीं जा पाएंगे , अब अब हम कभी अपने दिल की बात नहीं कह पाएंगे। अब हम यही से सीधे विराम पे जाएंगे।  वो अंतिम में कहना बहुत कुछ चाहता है पर कभी कह नहीं पाता। मरीज होना कभी-कभी आसान होता है॰ अटेंडर होना , सबसे कठिन होता है। - ShareChat