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#जय श्री कृष्णा
जय श्री कृष्णा - वत्स सुनो 0000 हर मीठी वाणी में सद्भाव नहीं होता, और हर कठोर शब्द में शत्रुता नहीं होती। कई बार सच कड़वा लगता है॰ पर वही आत्मा को शुद्ध करता है। रूप से विनम्र दिखे, उसके कर्मों जो व्यक्ति बाहरी को परखो॰क्योंकि वृक्ष की पहचान उसके उसके पत्तों से नहीं फलों से होती है।" वत्स सुनो 0000 हर मीठी वाणी में सद्भाव नहीं होता, और हर कठोर शब्द में शत्रुता नहीं होती। कई बार सच कड़वा लगता है॰ पर वही आत्मा को शुद्ध करता है। रूप से विनम्र दिखे, उसके कर्मों जो व्यक्ति बाहरी को परखो॰क्योंकि वृक्ष की पहचान उसके उसके पत्तों से नहीं फलों से होती है।" - ShareChat