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#मेरी हृदय मेरी माँ
मेरी हृदय मेरी माँ - माँ का प्रेम निस्वार्थ और मौन होता है, जिसे शब्दों की आवश्यकता नहीं माँ सब जानती है, सब 8,4 सहती स्वयं को व्यक्त नहीं करती| माँ का प्रेम निस्वार्थ और मौन होता है, जिसे शब्दों की आवश्यकता नहीं माँ सब जानती है, सब 8,4 सहती स्वयं को व्यक्त नहीं करती| - ShareChat