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Ramayan shlok yatra 📖🙏🏻🚩 🌸 बाल्मीकि रामायण | दिन – 5 🌸 📖 बालकाण्ड 🕉️ श्लोक 1 श्लोक संख्या : 1.1.1 श्लोकः नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम्। देवीं सरस्वतीं व्यासं ततो जयमुदीरयेत्॥ 🙏📿✨ अर्थ : भगवान नारायण, श्रेष्ठ पुरुष नर, देवी सरस्वती और महर्षि वेदव्यास को नमन कर के ही रामकथा का शुभ आरंभ करना चाहिए। यह श्लोक हमें सिखाता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत विनम्रता और श्रद्धा से करनी चाहिए। 🌼🕊️ --- 🕉️ श्लोक 2 श्लोक संख्या : 1.1.2 श्लोकः तपःस्वाध्यायनिरतं तपस्वी वाग्विदां वरम्। नारदं परिपप्रच्छ वाल्मीकिर्मुनिपुङ्गवम्॥ 🙏📖✨ अर्थ : तप, स्वाध्याय और ज्ञान में लीन महर्षि वाल्मीकि ने श्रेष्ठ वाणी और ज्ञान से संपन्न महर्षि नारद से प्रश्न किया। यह श्लोक जिज्ञासा, ज्ञान और गुरु के महत्व को दर्शाता है। 🌿🕉️ --- ✨ आज का भावार्थ: श्रद्धा + जिज्ञासा = सच्चा ज्ञान रामकथा हमें जीवन को सही दिशा देने की प्रेरणा देती है। 🚩 #balmikiramayan #Ramyanshlokyatra📖🙏🏻🚩 #ramkatha #day5 #sanatandharma #bhakti #shriram 🙏🏻🌼🚩 #Religiouslistingservice #जयसियाराम🙏🚩 #🙏रामायण🕉 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🕉️सनातन धर्म🚩
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