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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #💔मरीज-ए-इश्क❤ #👍स्पेशल शायरी🖋 #🖋ग़ालिब की शायरी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - छल , कपट और पाप ! "उतना ही करना चाहिए, जितना भुगतने की शक्ति हो, क्योंकि कर्म किसी को नहीं छोड़ता 0 छल , कपट और पाप ! "उतना ही करना चाहिए, जितना भुगतने की शक्ति हो, क्योंकि कर्म किसी को नहीं छोड़ता 0 - ShareChat