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#✍️ साहित्य एवं शायरी #💔मरीज-ए-इश्क❤ #😞बेवफा शायरी #😒दर्द भरी शायरी🌸
✍️ साहित्य एवं शायरी - दिल तोड़ना ही था तो दिल लगाया क्यों था, हम तो प्यार से अंजान थे नतोये प्यार करना हमे सिखाया क्यों था, जब किसी और का ही होना था आखिर में, तो उस दिन मुझे अपना बताया क्यों था, जब किसी और का ही होना था आखिर में, तो मेरे साथ जिंदगी भर साथ निभाने का ख्वाब सजाया क्यों था | दिल तोड़ना ही था तो दिल लगाया क्यों था, हम तो प्यार से अंजान थे नतोये प्यार करना हमे सिखाया क्यों था, जब किसी और का ही होना था आखिर में, तो उस दिन मुझे अपना बताया क्यों था, जब किसी और का ही होना था आखिर में, तो मेरे साथ जिंदगी भर साथ निभाने का ख्वाब सजाया क्यों था | - ShareChat