ShareChat
click to see wallet page
search
#💔दर्द-ए-दिल
💔दर्द-ए-दिल - इंसान का सबर तब टूट जाता है जब उसकी हज़ार कोशिश के बाद भी उसका मनपसंद शक्स उसकी कोई अहमियत नहीं समझता है. इंसान का सबर तब टूट जाता है जब उसकी हज़ार कोशिश के बाद भी उसका मनपसंद शक्स उसकी कोई अहमियत नहीं समझता है. - ShareChat