ShareChat
click to see wallet page
search
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह
✍मेरे पसंदीदा लेखक - चिंता -सुभद्रा चौहान कुमारी लगे आने, हृदय धन से कहा मैंने कि मत आओ। कहीं हो प्रेम में पागल न पथ में ही मचल जाओ।। मंजिलें वे पार करनीं हैं। कठिन है मार्ग, मुझको उमंगों की तरंगें बढ पड़ें शायद फिसल जाओ।I तुम्हें कुछ चोट आ जाए कहीं लाचार लौटूँ मैं। हठीले प्यार से व्रत-भंग की घड़ियाँ निकट लाओ।I चिंता -सुभद्रा चौहान कुमारी लगे आने, हृदय धन से कहा मैंने कि मत आओ। कहीं हो प्रेम में पागल न पथ में ही मचल जाओ।। मंजिलें वे पार करनीं हैं। कठिन है मार्ग, मुझको उमंगों की तरंगें बढ पड़ें शायद फिसल जाओ।I तुम्हें कुछ चोट आ जाए कहीं लाचार लौटूँ मैं। हठीले प्यार से व्रत-भंग की घड़ियाँ निकट लाओ।I - ShareChat