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#✍️ साहित्य एवं शायरी #अल्फ़ाज़# #💝 शायराना इश्क़ #🧒मेरा बचपन #अधूरे अल्फ़ाज़
✍️ साहित्य एवं शायरी - नफरतों के शहर में चालाकियों के डेरे है,.... यहां वो लोग रहते है जो तेरे मुंह पर तेरे है और मेरे मुंह पर मेरे है....!! नफरतों के शहर में चालाकियों के डेरे है,.... यहां वो लोग रहते है जो तेरे मुंह पर तेरे है और मेरे मुंह पर मेरे है....!! - ShareChat