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#kavita #शेरो शायरी
शेरो शायरी - अनकही मोहब्बत किसी को हमसे मोहब्बत वयों होगी ? हम कोई खास तो नर्ही, भीइ में खोर से लोग हैं हम, जिन पर ठहरतो नज़र नहों | किसी के नूर तो हम नहीं, चमकना हमॅ आता नर्ही, खामोरा सी रोशनी हैं हम, जो खुद को जताता नहीं किसी की याहत क्या ही बनेंगे , हम तो देर से समझ आने वाले हैं, লক্চর্ন ম করম, पर यूहसासो मेॅ उप्र भर निभाने वाले हैं। किसी की पसंद भी नही, ये सच है, इले भान लिया, पर जो दिल से देखे हमॅ , उसने हमे पहचान लिया। Maithili अनकही मोहब्बत किसी को हमसे मोहब्बत वयों होगी ? हम कोई खास तो नर्ही, भीइ में खोर से लोग हैं हम, जिन पर ठहरतो नज़र नहों | किसी के नूर तो हम नहीं, चमकना हमॅ आता नर्ही, खामोरा सी रोशनी हैं हम, जो खुद को जताता नहीं किसी की याहत क्या ही बनेंगे , हम तो देर से समझ आने वाले हैं, লক্চর্ন ম করম, पर यूहसासो मेॅ उप्र भर निभाने वाले हैं। किसी की पसंद भी नही, ये सच है, इले भान लिया, पर जो दिल से देखे हमॅ , उसने हमे पहचान लिया। Maithili - ShareChat