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#*let us understand our religion #सोचने वाली बात #Quran and We #points to ponder #guidence from the holy prophet
*let us understand our religion - "हर आत्मा अपने कर्मों के लिए स्वयं उत्तरदायी है॰ 19/1/26 (१) कुरआन १७:१५ जो व्यक्ति सीधा मार्ग अपनाता है, लिए वह अपने ही भले के अपनाता है, और जो भटकता है, वह अपने লিৎ ही नुकसान के भटकता है। और कोई बोझ उठाने वाली आत्मा किसी आत्मा का बोझ नहीं মুসবী उठाएगी| और हम (किसी को) तब तक दंड नहीं देते जब तक (उसकी ओर) कोई रसूल न भेज दें। (2) ক্তুঙসান 6:164 कह दीजिए, "क्या मैं अल्लाह के सिवा किसी और को अपना रब तलाश करूँ, जबकि वही हर चीज़ का रब है?" और कोई आत्मा जो भी बुरा काम करती है, उसका भार उसी पर होता है; और कोई बोझ उठाने वाली आत्मा किसी दूसरी "हर आत्मा अपने कर्मों के लिए स्वयं उत्तरदायी है॰ 19/1/26 (१) कुरआन १७:१५ जो व्यक्ति सीधा मार्ग अपनाता है, लिए वह अपने ही भले के अपनाता है, और जो भटकता है, वह अपने লিৎ ही नुकसान के भटकता है। और कोई बोझ उठाने वाली आत्मा किसी आत्मा का बोझ नहीं মুসবী उठाएगी| और हम (किसी को) तब तक दंड नहीं देते जब तक (उसकी ओर) कोई रसूल न भेज दें। (2) ক্তুঙসান 6:164 कह दीजिए, "क्या मैं अल्लाह के सिवा किसी और को अपना रब तलाश करूँ, जबकि वही हर चीज़ का रब है?" और कोई आत्मा जो भी बुरा काम करती है, उसका भार उसी पर होता है; और कोई बोझ उठाने वाली आत्मा किसी दूसरी - ShareChat