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२६ फ़रवरी प्रियता और योग्यता भिन्न- भिन्न है, तुम्हारा प्रिय है इसलिए वह योग्य भी है, यह ज़रूरी नहीं, इसलिए दायित्व उसी को सौंपे, जो योग्य हो, भले तुम्हारा प्रिय न भी हो! युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी #merebhagwan #Prabhu tumhara panth mahan #terapanth #जैन ध्रम
merebhagwan - २६ फ़रवरी प्रियता और योग्यता भिन्न- भिन्न है, तुम्हारा प्रिय है इसलिए वह योग्य भी है, यह ज़रूरी नहीं , इसलिए दायित्व उसी को सौंपे, जो योग्य हो, भले तुम्हारा प्रिय न भी हो! युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी २६ फ़रवरी प्रियता और योग्यता भिन्न- भिन्न है, तुम्हारा प्रिय है इसलिए वह योग्य भी है, यह ज़रूरी नहीं , इसलिए दायित्व उसी को सौंपे, जो योग्य हो, भले तुम्हारा प्रिय न भी हो! युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी - ShareChat