ShareChat
click to see wallet page
search
#om shanti brahmakumari
om shanti   brahmakumari - ओम् शान्ति 23-02-26 संगमयुग है चढ़ती कला का #8 4<4  यह सभी का भला होता है इसलिए कहा इसमें युग , चढ़ती कला तेरे भाने सर्व का भला' जाता सभी ब्राह्मण बच्चों को बहुत- बहुत সংন:- बाबा बधाईयाँ देते हैं - क्यों ? उत्तर : क्योंकि बाबा कहते तुम मेरे बच्चे मनुष्य से हो। तुम अभी रावण की जंजीरों से छूटते নৈনা ননন हो, तुम स्वर्ग की राजाई पाते हो, पास विद् ऑनर बनते हो, मैं नहीं इसलिए बाबा तुम्हें बहुत- बहुत बधाईयाँ देते हैं तुम आत्मायें पतंग हो, डोर तुम्हारी मेरे हाथ में हैं | मैं तुम्हें स्वर्ग का मालिक बनाता हूँ । गीतः आखिर वह दिन आया आज.... ओम् शान्ति धारणा के लिए मुख्य सारः- fg १ ) पास विद् ऑनर होने के एक बाप को याद करना है, किसी भी देहधारी को नहीं इन आंखों से जो दिखाई देता है , उसे देखते भी नहीं देखना है। २ ) हम अमरलोक की यात्रा पर जा रहे हैं इसलिए का कुछ भी याद न रहे, इन कर्मेन्द्रियों से मृत्युलोक कोई भी विकर्म न हो, यह ध्यान रखना है। ओम् शान्ति 23-02-26 संगमयुग है चढ़ती कला का #8 4<4  यह सभी का भला होता है इसलिए कहा इसमें युग , चढ़ती कला तेरे भाने सर्व का भला' जाता सभी ब्राह्मण बच्चों को बहुत- बहुत সংন:- बाबा बधाईयाँ देते हैं - क्यों ? उत्तर : क्योंकि बाबा कहते तुम मेरे बच्चे मनुष्य से हो। तुम अभी रावण की जंजीरों से छूटते নৈনা ননন हो, तुम स्वर्ग की राजाई पाते हो, पास विद् ऑनर बनते हो, मैं नहीं इसलिए बाबा तुम्हें बहुत- बहुत बधाईयाँ देते हैं तुम आत्मायें पतंग हो, डोर तुम्हारी मेरे हाथ में हैं | मैं तुम्हें स्वर्ग का मालिक बनाता हूँ । गीतः आखिर वह दिन आया आज.... ओम् शान्ति धारणा के लिए मुख्य सारः- fg १ ) पास विद् ऑनर होने के एक बाप को याद करना है, किसी भी देहधारी को नहीं इन आंखों से जो दिखाई देता है , उसे देखते भी नहीं देखना है। २ ) हम अमरलोक की यात्रा पर जा रहे हैं इसलिए का कुछ भी याद न रहे, इन कर्मेन्द्रियों से मृत्युलोक कोई भी विकर्म न हो, यह ध्यान रखना है। - ShareChat