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#508वां_GodKabir_निर्वाणदिवस परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन गई और इस तरह की लीला परमात्मा स्वयं ही करते हैं। कबीर साहेब जी 120 वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर हजारों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए। तभी आकाशवाणी होती है - "उठा लो पर्दा, नहीं है मुर्दा।" चादर उठाने पर, शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल मिले। उनका शरीर नहीं मिला था। #satlok aashram
satlok aashram - भगह्व  भे भतलोक गया कबीवा , जाका पाया नर्ही   शावीवा। परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन परमात्मा स्वयं ही करते हैं। गई और इस तरह की लीला कबीर साहेब जी १२० वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह हजारों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए। రగౌ तभी आकाशवाणी होती है लो पर्दा, नर्ही है मुर्दा /९< 6636( फूल मिले। चादर उठाने पर शरीर के स्थान पर सुगंधित उनका शरीर नहीं मिला था। SA News Channel Youlube Free Book i NEWS Channel | @SatlokAshramNewsChannel  7496801825   } 173M subscribars ' भगह्व  भे भतलोक गया कबीवा , जाका पाया नर्ही   शावीवा। परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन परमात्मा स्वयं ही करते हैं। गई और इस तरह की लीला कबीर साहेब जी १२० वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह हजारों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए। రగౌ तभी आकाशवाणी होती है लो पर्दा, नर्ही है मुर्दा /९< 6636( फूल मिले। चादर उठाने पर शरीर के स्थान पर सुगंधित उनका शरीर नहीं मिला था। SA News Channel Youlube Free Book i NEWS Channel | @SatlokAshramNewsChannel  7496801825   } 173M subscribars ' - ShareChat