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#संत श्री आशारामजी बापू #🙏🏻🌸आध्यात्मिक बाते😇 #📿संतवाणी 🗣️ #🕉️सनातन धर्म🚩 ##भक्ति
संत श्री आशारामजी बापू - बापूजी का संदेश पूज्य संत श्री आशारामजी बापू महल में एक चींटे को चींटी के சிதன अपने एक बार पीछे भागते देख हंस पडे़ और रुक्मिणीजी से कहा मैं इस चींटे को चौदह बार इंद्र बना चौदह बार ஈ5# देवराज के पद का भोग करने पर इसकी भोगलिप्सा समाप्त नहीं हुई है। धिक्कार है इस भोग वासना को जो तैंतीस करोड़ देवताओं के स्वामी को भी कीडा बना देती केगरीरयक्ी है। अग्नि में घी डालोगे तो वह और भी धधकेगी , दशा कामवासना की है। उसे बुझाना हो तो नश्वरता पर विचार करके जीवन में संयम लाओ। बापूजी का संदेश पूज्य संत श्री आशारामजी बापू महल में एक चींटे को चींटी के சிதன अपने एक बार पीछे भागते देख हंस पडे़ और रुक्मिणीजी से कहा मैं इस चींटे को चौदह बार इंद्र बना चौदह बार ஈ5# देवराज के पद का भोग करने पर इसकी भोगलिप्सा समाप्त नहीं हुई है। धिक्कार है इस भोग वासना को जो तैंतीस करोड़ देवताओं के स्वामी को भी कीडा बना देती केगरीरयक्ी है। अग्नि में घी डालोगे तो वह और भी धधकेगी , दशा कामवासना की है। उसे बुझाना हो तो नश्वरता पर विचार करके जीवन में संयम लाओ। - ShareChat