जय श्री राम! अयोध्या धाम में विराजमान प्रभु श्री राम लला सरकार की आज की प्रातः कालीन श्रृंगार आरती का स्मरण करना ही मन को परम शांति और आनंद से भर देता है।
आज 9 मार्च 2026 की सुबह, अयोध्या के भव्य मंदिर में प्रभु का स्वरूप अत्यंत दिव्य और मनमोहक रहा होगा।
प्रभु का दिव्य श्रृंगार और आरती
आज की प्रातः कालीन आरती के कुछ विशेष पहलू:
* दिव्य श्रृंगार: प्रभु राम लला को सुगंधित पुष्पों, बहुमूल्य रत्नों और स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित किया गया। उनके मस्तक पर तिलक और अधरों पर वह मंद मुस्कान भक्तों के कष्ट हरने वाली है।
* आरती का वातावरण: शंखध्वनि, घंटों के नाद और 'जय श्री राम' के उद्घोष के बीच जब कर्पूर और घी के दीपकों से आरती की जाती है, तो संपूर्ण गर्भगृह अलौकिक ऊर्जा से भर जाता है।
* आज का महत्व: चैत्र मास के आगमन की आहट और बसंती बयार के बीच प्रभु के दर्शन भक्तों के लिए विशेष मंगलकारी हैं।
दर्शन का लाभ
शास्त्रों में कहा गया है कि जो भक्त श्रद्धा भाव से प्रभु की आरती का मानसिक स्मरण भी कर लेते हैं, उनके जीवन के सभी अंधकार दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है।
> "मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी।"
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