ShareChat
click to see wallet page
search
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - शोक जैसा कोई शत्रु नही शोको नाशयते धैर्य, शोको नाशय 1 i Rg: शोको नाशयते सर्वं, नास्ति शोकस | भावार्थः शोक धैर्य को नष्ट करता है, शोक ज्ञान को नष्ट करता है, शोक सर्वस्व का नाश करता है । शोक जैसा कोइ शत्रु  नही है। लिए इस शोक जैसा कोई शत्रु नही शोको नाशयते धैर्य, शोको नाशय 1 i Rg: शोको नाशयते सर्वं, नास्ति शोकस | भावार्थः शोक धैर्य को नष्ट करता है, शोक ज्ञान को नष्ट करता है, शोक सर्वस्व का नाश करता है । शोक जैसा कोइ शत्रु  नही है। लिए इस - ShareChat