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#✍गुलजारांचे साहित्य #🖋शेरो-शायरी
✍गुलजारांचे साहित्य - अ अम्युदय साहित्य  उम्मीद है तभी लड़ रहे हैं, ऐ जिँदगी वरना मन तो कब का ऊब चुका है तुझसे। अभ्युदय साहित्य गुलज़ार अ अम्युदय साहित्य  उम्मीद है तभी लड़ रहे हैं, ऐ जिँदगी वरना मन तो कब का ऊब चुका है तुझसे। अभ्युदय साहित्य गुलज़ार - ShareChat