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#❤️जीवन की सीख #☝ मेरे विचार
❤️जीवन की सीख - चाह गई चिंता मिटी , मनुआ बेपरवाह जिनको कछु न चाहिए, वे साहन के साहIl अभ्युदय साहित्य | रहीम रहीम कहते हैं कि किसी चीज को पाने की लालसा जिसे नहीं है॰ उसे किसी प्रकार की নিমকা चिंता नहीं हो सकता | मन इन तमाम चिंताओं से ऊपर उठ गया, किसी इच्छ। के प्रति येपरवाह हो गए, वहो राजाओं के राजा ्ह। चाह गई चिंता मिटी , मनुआ बेपरवाह जिनको कछु न चाहिए, वे साहन के साहIl अभ्युदय साहित्य | रहीम रहीम कहते हैं कि किसी चीज को पाने की लालसा जिसे नहीं है॰ उसे किसी प्रकार की নিমকা चिंता नहीं हो सकता | मन इन तमाम चिंताओं से ऊपर उठ गया, किसी इच्छ। के प्रति येपरवाह हो गए, वहो राजाओं के राजा ्ह। - ShareChat