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#जय श्री कृष्णा #🙏गीता ज्ञान🛕
जय श्री कृष्णा - भीष्म पितामह ने श्रीकृष्ण से पूछाः- हे केशव "मैंने तो कोई पाप नहीं किया, फिर 35} इतनी कठोर सज़ा क्यों?" कृष्ण ने शांत स्वर में कहा "पितामह, जब भरी सभा में द्रौपदी का अपमान हाे रहा था, तब आप समर्थ होते हुए भी मौन रहे। आपने पाप नहीं किया, पर पाप को होते हुए देखा. और चुप रहे। यही कर्म आपका पाप बन गया। fg सिर्फ बुरे लोगों से नहीं, दुनिया যান से भी बर्बाद होती है। अच्छे लोगों की चुप्पी अन्याय के सामने मौन रहना कभी-कभी अन्याय करने से भी बड़ा अपराध बन जाता है। इसलिए जहाँ गलत दिखे, वहाँ सच का साथ देना ही धर्म है। भीष्म पितामह ने श्रीकृष्ण से पूछाः- हे केशव "मैंने तो कोई पाप नहीं किया, फिर 35} इतनी कठोर सज़ा क्यों?" कृष्ण ने शांत स्वर में कहा "पितामह, जब भरी सभा में द्रौपदी का अपमान हाे रहा था, तब आप समर्थ होते हुए भी मौन रहे। आपने पाप नहीं किया, पर पाप को होते हुए देखा. और चुप रहे। यही कर्म आपका पाप बन गया। fg सिर्फ बुरे लोगों से नहीं, दुनिया যান से भी बर्बाद होती है। अच्छे लोगों की चुप्पी अन्याय के सामने मौन रहना कभी-कभी अन्याय करने से भी बड़ा अपराध बन जाता है। इसलिए जहाँ गलत दिखे, वहाँ सच का साथ देना ही धर्म है। - ShareChat