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#🤲 इबादत #🥰میرا سٹیٹس ❤️
🤲 इबादत - दुनिया को मक़सद न बनाना रसूलुल्लाह HII: शजिस शख़्स का मक़सद दुनिया कमाना हो, और वह उसी के लिये सफ़र करता हो, उसी का खयाल दिल में रहता हो = तो अल्लाह तआला उसकी आँखों के सामने ग़रीबी और भूख का डर ला देते हैं। और उसके औक़ात ( समय ) को इसी फिक्र में उलझा देते हैं। और मिलता उसे उतना ही है, जितना उसके मुक़द्दर में लिखा होता है।" (तरगीब व तरहीवः २४६३ ) दुनिया को मक़सद न बनाना रसूलुल्लाह HII: शजिस शख़्स का मक़सद दुनिया कमाना हो, और वह उसी के लिये सफ़र करता हो, उसी का खयाल दिल में रहता हो = तो अल्लाह तआला उसकी आँखों के सामने ग़रीबी और भूख का डर ला देते हैं। और उसके औक़ात ( समय ) को इसी फिक्र में उलझा देते हैं। और मिलता उसे उतना ही है, जितना उसके मुक़द्दर में लिखा होता है।" (तरगीब व तरहीवः २४६३ ) - ShareChat