#ईरान और अमेरिका के बीच फिर बढ़ा तनाव #अमेरिका-ईरान #📹 ट्रेंडिंग वीडियो #रूस
वक्त-वक्त की बात है। अभी कुछ दिनों पहले रूसी तेल को कोई खरीदने वाला नहीं था। रूसी तेल के टैंकर समंदर में डेरा डाले हुए थे। रूस काफी सस्ती दर पर तेल बेचने के लिए तैयार था। इसकी कीमत प्रति बैरल 50 डॉलर से नीचे आ गई थी। लेकिन समय ने ऐसा फेर लिया कि अब रूसी तेल की मांग बढ़ रही है। ऐसे में रूसी तेल प्रति बैरल 70 डॉलर को पार कर गया है। यानी रूस की चांदी होने लगी है। हालांकि रूस अभी भी भारत को डिस्काउंट रेट पर क्रूड ऑयल सप्लाई कर रहा है।
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में फैला तनाव रूस के लिए वरदान साबित हुआ है। इस युद्ध के कारण ईस्ट एशिया में खाड़ी देशों के तेल की सप्लाई बाधित हुई है। ऐसे में भारत समेत कई एशियाई देश रूस के तेल पर निर्भर हो गए हैं। रूसी तेल के टैंकर लगातार यू-टर्न लेकर एशियाई देशों की ओर मुड़ने लगे हैं। ऐसे ही रूसी के दो टैंकर, जो पूर्वी एशिया जा रहे थे, वे भारत की ओर मुड़ गए हैं।
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