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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - धूप में निकलो , घटाओं में नहा ঠনবী , कर जिँदगी क्या है , किताबों को हटा कर देखवो। @bikhrejazbat 81/ धूप में निकलो , घटाओं में नहा ঠনবী , कर जिँदगी क्या है , किताबों को हटा कर देखवो। @bikhrejazbat 81/ - ShareChat