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#✝चर्च
✝चर्च - [२७] और जैसे मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त గ్1 (2' 5:10, सभो. १२:१४) कुरि. [२८] वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ और जो लोग उसकी प्रतीक्षा कस्ते हैं उनके उद्धार के लिये दूसरी बारबिना पाप মীনু: के दिखाई देगा। (१ पत. २२४ ) 2:13) হস্সানিয়ী 9:27 28 IRVHin [२७] और जैसे मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त గ్1 (2' 5:10, सभो. १२:१४) कुरि. [२८] वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ और जो लोग उसकी प्रतीक्षा कस्ते हैं उनके उद्धार के लिये दूसरी बारबिना पाप মীনু: के दिखाई देगा। (१ पत. २२४ ) 2:13) হস্সানিয়ী 9:27 28 IRVHin - ShareChat