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#🤲अल्लाह हु अक़बर #🕌मस्जिद 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 इबादत #🤲 दुआएं
🤲अल्लाह हु अक़बर - 27বী ভান ক্রী ননাস रजब में एक रात है कि इस में नेक अ़मल करने वाले को सो बरस की नेकियों का सवाब है और 6 रजब কী 27নী থান ট ! इस में १२ रक्अत इस तरह पढ़े कि जो हर रक्अत में बारह पूरी हर दो सूरए फ़ातिहा होने पर रकअत पर अत्तहिय्यात और कोई सी सलाम फेरे, एक सूरत और पढे और इस के बा'द १०० बार येह पढ़े : رَبُکَآ ُهُللاَو ُهللااَّلِا َهلِاَآلَو ِهِللُدْبَحْلاَو ِهّللا َنُحْبُس दुरूद शरीफ़ १०० बार इस्तिग़फ़ार १०० बार और अपनी दुन्या व आख़िरत से जिस चीज़ की चाहे दुआ मांगे और सुब्ह को रोज़ा रखे तो अल्लाह पाक उस की सब दुआएं क़बूल फ़रमाए सिवाए उस दुआ के जो गुनाह के लिये हो। ೨ನ: ಅ೦ಓುು (3812 ಯಲ 374 27বী ভান ক্রী ননাস रजब में एक रात है कि इस में नेक अ़मल करने वाले को सो बरस की नेकियों का सवाब है और 6 रजब কী 27নী থান ট ! इस में १२ रक्अत इस तरह पढ़े कि जो हर रक्अत में बारह पूरी हर दो सूरए फ़ातिहा होने पर रकअत पर अत्तहिय्यात और कोई सी सलाम फेरे, एक सूरत और पढे और इस के बा'द १०० बार येह पढ़े : رَبُکَآ ُهُللاَو ُهللااَّلِا َهلِاَآلَو ِهِللُدْبَحْلاَو ِهّللا َنُحْبُس दुरूद शरीफ़ १०० बार इस्तिग़फ़ार १०० बार और अपनी दुन्या व आख़िरत से जिस चीज़ की चाहे दुआ मांगे और सुब्ह को रोज़ा रखे तो अल्लाह पाक उस की सब दुआएं क़बूल फ़रमाए सिवाए उस दुआ के जो गुनाह के लिये हो। ೨ನ: ಅ೦ಓುು (3812 ಯಲ 374 - ShareChat