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#☝अनमोल ज्ञान #🙏 प्रेरणादायक विचार #👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #🙏गीता ज्ञान🛕 #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #राधे राधे
☝अनमोल ज्ञान - 3 "भोजन और भजन" शेवा 8 एक सेठ के घर के बाहर खडा होकर भजन गा रहा था और बदले में खाने को रोटी मांग रहा था। सेठानी काफी देर से उसको रही थी,आ रही हूँ। रोटी हाथ कह मे थी पर फिर भी कह रही थी की रुको आ रही हूँ। भिखारी भजन गा रहा था और रोटी   मांग रहा था। सेठ ये सब देख रहा था, पर समझ नही पा रहा था, आखिर सेठानी से बोला, "रोटी हाथ में लेकर खडी हो, वो बाहर मांग रहा है, उसे कह रही हो आ रही हूँ तो उसे रोटी  क्यो नही दे रही हो ?" सेठानी बोली, "हाँ रोटी दूँगी, पर क्या है ना की मुझे उसका भजन बहुत प्यारा लग रहा हैं अगर उसको रोटी दूँगी तो वो आगे चला जायेगा। मुझे उसका भजन और सुनना है।" यदि प्रार्थना के बाद भी भगवान आपकी नही सुन रहे हैं तो समझना की उस सेठानी की तरह आपकी प्रार्थना प्यारी लग gகி रही है, इसलिये इंतजार करो और प्रार्थना करते रहो। भी दुख  और कष्ट आये पर भक्ति मत छोड़िए। जीवन मे कैसा है तो आप भोजन करना छोड देते हैं ? क्या बीमारी क्या कष्ट आता आती है तो आप सांस लेना छोड देते हैं ? नही ना ? फिर जरा सी तकलीफ आने पर आप भक्ति करना क्यों छोड़ देते हो ? कभी भी दो चीज मत छोड़िये भजन और भोजन। भोजन छोड़ दोगे तो जिंदा नहीं रहोगे छोड़ दोगे तो कहीं के नही भजन रहोगे। सही मायने में भजन और भोजन दोनों ही आवश्यक हैं। जय जय श्री राधे 3 "भोजन और भजन" शेवा 8 एक सेठ के घर के बाहर खडा होकर भजन गा रहा था और बदले में खाने को रोटी मांग रहा था। सेठानी काफी देर से उसको रही थी,आ रही हूँ। रोटी हाथ कह मे थी पर फिर भी कह रही थी की रुको आ रही हूँ। भिखारी भजन गा रहा था और रोटी   मांग रहा था। सेठ ये सब देख रहा था, पर समझ नही पा रहा था, आखिर सेठानी से बोला, "रोटी हाथ में लेकर खडी हो, वो बाहर मांग रहा है, उसे कह रही हो आ रही हूँ तो उसे रोटी  क्यो नही दे रही हो ?" सेठानी बोली, "हाँ रोटी दूँगी, पर क्या है ना की मुझे उसका भजन बहुत प्यारा लग रहा हैं अगर उसको रोटी दूँगी तो वो आगे चला जायेगा। मुझे उसका भजन और सुनना है।" यदि प्रार्थना के बाद भी भगवान आपकी नही सुन रहे हैं तो समझना की उस सेठानी की तरह आपकी प्रार्थना प्यारी लग gகி रही है, इसलिये इंतजार करो और प्रार्थना करते रहो। भी दुख  और कष्ट आये पर भक्ति मत छोड़िए। जीवन मे कैसा है तो आप भोजन करना छोड देते हैं ? क्या बीमारी क्या कष्ट आता आती है तो आप सांस लेना छोड देते हैं ? नही ना ? फिर जरा सी तकलीफ आने पर आप भक्ति करना क्यों छोड़ देते हो ? कभी भी दो चीज मत छोड़िये भजन और भोजन। भोजन छोड़ दोगे तो जिंदा नहीं रहोगे छोड़ दोगे तो कहीं के नही भजन रहोगे। सही मायने में भजन और भोजन दोनों ही आवश्यक हैं। जय जय श्री राधे - ShareChat