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#मेरी कविता, मेरे गीत #सुन्दर गीत और सुन्दर कविता #सुन्दर गीत
मेरी कविता, मेरे गीत - हैं कुछ भी , कहने दो। जमाना कहता तुम नहीं   हो , यादे हैं   रहने दो। देखे हैं , हजूर शहर के, हौसले बुलंद हैं , आजादी की, इन्हे, लेने दो। खुशियाँ हो चूका ,गम जो, কল ৪ী, रुखसर्त नम   आखें, वहने दो। ೯ जाये जाता मेरे जो जज्बात थे, किसी काम आये, शहकोटी  टुटा हैं चद   रूपये देने दो। खरीद ले , अगर आती   ख़ुशी,ना नहीं, दौलत किसी रहने दो काम ना आयी    हैं कुछ भी , कहने दो। जमाना कहता तुम नहीं   हो , यादे हैं   रहने दो। देखे हैं , हजूर शहर के, हौसले बुलंद हैं , आजादी की, इन्हे, लेने दो। खुशियाँ हो चूका ,गम जो, কল ৪ী, रुखसर्त नम   आखें, वहने दो। ೯ जाये जाता मेरे जो जज्बात थे, किसी काम आये, शहकोटी  टुटा हैं चद   रूपये देने दो। खरीद ले , अगर आती   ख़ुशी,ना नहीं, दौलत किसी रहने दो काम ना आयी - ShareChat