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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️
🙏गीता ज्ञान🛕 - सुन्दरकाण्ड जासु नाम जपि सुनहु भवानी। भव बंधन काटहिं नर ग्यानी।।  तासु दूत कि बंध तरु आवा। प्रभु कारज लगि कपिहिं बँधावा।। भावार्थः- (शिवजी कहते हैं-) हे भवानी সুনী; जिनका नाम जपकर ज्ञानी (विवेकी) मनुष्य संसार (जन्म-्मरण) के बंधन को काट डालते हैं, उनका fg दूत कहीं बंधन में आ सकता है? प्रभु के कार्य लिए हनुमान जी ने स्वयं अपने को बँधा लिया।। के जय श्रीराम सुन्दरकाण्ड जासु नाम जपि सुनहु भवानी। भव बंधन काटहिं नर ग्यानी।।  तासु दूत कि बंध तरु आवा। प्रभु कारज लगि कपिहिं बँधावा।। भावार्थः- (शिवजी कहते हैं-) हे भवानी সুনী; जिनका नाम जपकर ज्ञानी (विवेकी) मनुष्य संसार (जन्म-्मरण) के बंधन को काट डालते हैं, उनका fg दूत कहीं बंधन में आ सकता है? प्रभु के कार्य लिए हनुमान जी ने स्वयं अपने को बँधा लिया।। के जय श्रीराम - ShareChat