ShareChat
click to see wallet page
search
ईश्वर भी... कभी मिला नहीं__ मगर बार बार लौटती हूं- उसके द्वार... बस, इसी तरह- प्रेम में भी लौटते हैं, हम बार बार.. क्यूंकि__ प्रेम प्रसाद हैं... ❣️ जिसे ठुकराया नहीं जाता... नीचे गिरे हुए को भी- हृदय से लगा, सिर माथे रखा जाता हैं.. ****" #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #💌शब्द से शायरी✒️ #💓 दिल के अल्फ़ाज़ #👍मोटिवेशनल शायरी और स्टेटस #📖 कविता और कोट्स✒️
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - का धागा हैं_ मोह ٤ ٩ जो विलग हो कर भी तुमसे अवमुक्त हौता नहीं.. त्नु संग रहें ना रहें... लिए मेरा ये हृदय किसी अन्य के स्पंदन करता नहीं... का धागा हैं_ मोह ٤ ٩ जो विलग हो कर भी तुमसे अवमुक्त हौता नहीं.. त्नु संग रहें ना रहें... लिए मेरा ये हृदय किसी अन्य के स्पंदन करता नहीं... - ShareChat