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#शुभ रात्री
शुभ रात्री - कश्ती के मुसाफ़िर का किनारा भी कभी आएगा, वक़्त का क्या है॰ हमारा भी कभी आएगा। आज वीरान है राहें तो ग़म की बात नहीं, इन अंधेरों में उजाला भी कभी आएगा।  ऐ दिल॰ए-नादान यूँ मायूस न हो, सत्र रख तेरी किस्मत का सितारा भी कभी आएगा। आज जो दूर खड़े देखते हैं तमाशा , उनके लबों पे नाम हमारा भी कभी आएगा। कश्ती के मुसाफ़िर का किनारा भी कभी आएगा, वक़्त का क्या है॰ हमारा भी कभी आएगा। आज वीरान है राहें तो ग़म की बात नहीं, इन अंधेरों में उजाला भी कभी आएगा।  ऐ दिल॰ए-नादान यूँ मायूस न हो, सत्र रख तेरी किस्मत का सितारा भी कभी आएगा। आज जो दूर खड़े देखते हैं तमाशा , उनके लबों पे नाम हमारा भी कभी आएगा। - ShareChat