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#✍️ जीवन में बदलाव
✍️ जीवन में बदलाव - उतना ही जितना सही हो, झुको बेवजह झुकना केवल के अहम दुसरो को बढ़ावा देता हैं, লিৎ रिश्ते निभाने के झुकना अच्छा है, लेकि खुद को गिराकर कोई रिश्ता बचाना खुद के साथ अन्याय है, अदब और तहजीब में झुकना संस्कार चापलूसी में है, पर किसी के डर या झुकना लाचारी है, जो लोग आपकी सादगी का फायदा उठाने लगे , वहाँ खामोशी से दूरी बना लेना ही सबसे बड़ी बुद्धिमानी है, आत्मसम्मान की बलि देकर पाया गया प्रेम या सम्मान, कभी भी आदर नहीं ஸao 0) उतना ही जितना सही हो, झुको बेवजह झुकना केवल के अहम दुसरो को बढ़ावा देता हैं, লিৎ रिश्ते निभाने के झुकना अच्छा है, लेकि खुद को गिराकर कोई रिश्ता बचाना खुद के साथ अन्याय है, अदब और तहजीब में झुकना संस्कार चापलूसी में है, पर किसी के डर या झुकना लाचारी है, जो लोग आपकी सादगी का फायदा उठाने लगे , वहाँ खामोशी से दूरी बना लेना ही सबसे बड़ी बुद्धिमानी है, आत्मसम्मान की बलि देकर पाया गया प्रेम या सम्मान, कभी भी आदर नहीं ஸao 0) - ShareChat