VEDANTH
अगर तलाश करोगे कोई मिल ही जाएगा
मगर मेरी तरह कौन तुम्हें को चाहेगा
तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा
न जाने कब तिरे दिल पर नई सी दस्तक हो
मकान ख़ाली हुआ है तो कोई आएगा
तुम्हारे साथ ये मौसम फ़रिश्तों जैसा है
तुम्हारे बा'द ये मौसम बहुत सताएगा
#✍️ अनसुनी शायरी #🌹प्यार के नगमे💖