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“बच्चों की परवरिश: मार ज़रूरी है या सही तरीका?” 👧 #sharechat #follow #comment name in box
sharechat - " बच्चों की परवरिशः मार ज़रूरी है या सही तरीका?" ऐसा बच्चा बदमाश नहीं होता, वह उस समय भावनाओं पर कंट्रोल खो चुका होता है ज़ोर ज़ोर से रो रहा हो, उस समय उसका दिमाग समझने की स्थिति में नहीं जव बच्चा हाता घरमें नियम সতনুন৪ী; moment # उस तो बाहरकी गलत सीख अपने आप मारना छँट जाती है। चिल्लाना बच्चा जो देखेगा वही सीखेगा आप कैसे बोलते है, बड़ों से कैसे पेश समझाना आते हैं - वही संस्कार बनेंगे lecture देना बहुत प्यार/ काम नहीं करता कुछ भी लेकिन हर बात मानना  मारने से बच्चा डर के कारण रुकता है, सुधारता नहीं "यह सही हे। यह गलत हे - साफ डर से चुप हुआ बच्चा आगे चलकर  होना चाहिए झूठ बोलना सीखता है मारसे डर आता है, संस्कार नहीं अकेले में वही गलती दोहराता है गलतकाम परnatural punishment & खुद aggressive बनता है १. खिलौना फेंका खिलौना कुछ ज़िद्दी बच्चा अक्सर attention और control चाहता है समय के लिए हटा रोना कोई नाटक नहीं, बल्कि emotion का release होता है २ बदतमीज़ी खेल बंद रोते समय बच्चे को शांत होने का समय देना सबसे ज़रूरी है उस समय बस इतना कहना काफी हैः सुधार एक दिन में नहीं होता, "मैं यहीं हूँ, शांत हो जाओ फिर बात करेंगे " समय लगता हे #4 रोना खत्म होने तक बहस या समझाइश नहीं करनी चाहिए सही तरीका ५= १० बार लगातार अपनाने से बच्चा शांत होने के बाद ही समझाना असर करता है ज़िद का pattern टूटता है बाद में साफनसाफ कहना चाहिएः সাংম নাব্মোলিক্ থানি নিলনী "रोने से चीज़ें नहीं मिलती, बात करने से मिलती हैं" जिस चीज़ के लिए बच्चा ज़िद कर रहा था, लेकिन स्थायी सुधार नहीं वो चीज़ बिल्कुल नहीं देनी चाहिए बिना मार, सही नियम और अगर ज़िद पर चीज़ दे दी गई॰ तो बच्चा सीखता हैः consequence = "ज़ोर से रोऊँगा तो सब मिल जाएगा" self control सीखता हे ర] अगली बार वही बच्चा २ग सबसे ज़रूरी बातः ज़्यादा रोएगा Consistency (हर बार वही नियम) ज़्यादा ड्रामा करेगा  नियम बदलेंगे तो बच्चा नहीं सुधरेगा  ज़िद करेगा 4I6T " बच्चों की परवरिशः मार ज़रूरी है या सही तरीका?" ऐसा बच्चा बदमाश नहीं होता, वह उस समय भावनाओं पर कंट्रोल खो चुका होता है ज़ोर ज़ोर से रो रहा हो, उस समय उसका दिमाग समझने की स्थिति में नहीं जव बच्चा हाता घरमें नियम সতনুন৪ী; moment # उस तो बाहरकी गलत सीख अपने आप मारना छँट जाती है। चिल्लाना बच्चा जो देखेगा वही सीखेगा आप कैसे बोलते है, बड़ों से कैसे पेश समझाना आते हैं - वही संस्कार बनेंगे lecture देना बहुत प्यार/ काम नहीं करता कुछ भी लेकिन हर बात मानना  मारने से बच्चा डर के कारण रुकता है, सुधारता नहीं "यह सही हे। यह गलत हे - साफ डर से चुप हुआ बच्चा आगे चलकर  होना चाहिए झूठ बोलना सीखता है मारसे डर आता है, संस्कार नहीं अकेले में वही गलती दोहराता है गलतकाम परnatural punishment & खुद aggressive बनता है १. खिलौना फेंका खिलौना कुछ ज़िद्दी बच्चा अक्सर attention और control चाहता है समय के लिए हटा रोना कोई नाटक नहीं, बल्कि emotion का release होता है २ बदतमीज़ी खेल बंद रोते समय बच्चे को शांत होने का समय देना सबसे ज़रूरी है उस समय बस इतना कहना काफी हैः सुधार एक दिन में नहीं होता, "मैं यहीं हूँ, शांत हो जाओ फिर बात करेंगे " समय लगता हे #4 रोना खत्म होने तक बहस या समझाइश नहीं करनी चाहिए सही तरीका ५= १० बार लगातार अपनाने से बच्चा शांत होने के बाद ही समझाना असर करता है ज़िद का pattern टूटता है बाद में साफनसाफ कहना चाहिएः সাংম নাব্মোলিক্ থানি নিলনী "रोने से चीज़ें नहीं मिलती, बात करने से मिलती हैं" जिस चीज़ के लिए बच्चा ज़िद कर रहा था, लेकिन स्थायी सुधार नहीं वो चीज़ बिल्कुल नहीं देनी चाहिए बिना मार, सही नियम और अगर ज़िद पर चीज़ दे दी गई॰ तो बच्चा सीखता हैः consequence = "ज़ोर से रोऊँगा तो सब मिल जाएगा" self control सीखता हे ర] अगली बार वही बच्चा २ग सबसे ज़रूरी बातः ज़्यादा रोएगा Consistency (हर बार वही नियम) ज़्यादा ड्रामा करेगा  नियम बदलेंगे तो बच्चा नहीं सुधरेगा  ज़िद करेगा 4I6T - ShareChat