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#🤲 इबादत 🕋 🤲🤲🤲🌙✨️
🤲 इबादत - २७वाँ रमज़ान का महत्व २७वीं रमज़ान को अक्सर शब-ए॰क़द्र (लैलतुल क़द्र ) माना जाता है। यह वह रात है जिसमें क़ुरआन शरीफ़ का नाज़िल होना शुरू हुआ| इस रात की इबादत का सवाब हज़ार महीनों की इबादत भी बढ़कर है। मुसलमान इस रात को नमाज़, दुआ, तिलावत और इस्तिग़फ़ार में गुज़ारते हैं। यह रात रहमत, मग़फ़िरत और निज़ात की रात कहलाती है। २७वाँ रमज़ान का महत्व २७वीं रमज़ान को अक्सर शब-ए॰क़द्र (लैलतुल क़द्र ) माना जाता है। यह वह रात है जिसमें क़ुरआन शरीफ़ का नाज़िल होना शुरू हुआ| इस रात की इबादत का सवाब हज़ार महीनों की इबादत भी बढ़कर है। मुसलमान इस रात को नमाज़, दुआ, तिलावत और इस्तिग़फ़ार में गुज़ारते हैं। यह रात रहमत, मग़फ़िरत और निज़ात की रात कहलाती है। - ShareChat