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#📖 कविता और कोट्स✒️ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य #🥰Express Emotion
📖 कविता और कोट्स✒️ - यूँ ही बसर होती रही है ज़िन्दगी कभी हंसती तो कभी रोती रही है ज़िन्दगी : कौन अपना कौन पराया किस की करें पखवाहं कोई बिछड़े तो कभी किसी से मिलती रही है ज़िन्दगी.. हर ग़म एन्दौर से गुजर कर बस इतना ही है सीखा कर ठोकरें फिर भी संभलती रही है ज़िन्दगी॰ खा पहचानते हैं सब मुझे कल नाम भी मिट जाएगा ओज कोई आए कोई ठहरे पर ये चलती रही है ज़िन्दगी.. यूँ ही बसर होती रही है ज़िन्दगी कभी हंसती तो कभी रोती रही है ज़िन्दगी : कौन अपना कौन पराया किस की करें पखवाहं कोई बिछड़े तो कभी किसी से मिलती रही है ज़िन्दगी.. हर ग़म एन्दौर से गुजर कर बस इतना ही है सीखा कर ठोकरें फिर भी संभलती रही है ज़िन्दगी॰ खा पहचानते हैं सब मुझे कल नाम भी मिट जाएगा ओज कोई आए कोई ठहरे पर ये चलती रही है ज़िन्दगी.. - ShareChat