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#जयगुरुदेव नाम प्रभु का #जयगुरुदेव
जयगुरुदेव नाम प्रभु का - सदाचारी बालसघ (२८ जून २००६ जुलाई २००६) ম & शाकाहारी मथुरा आश्रम दैनिक लघु प्रवचन जयगुरुदेव जी [ बाबा महाराज द्वारा ) ये हे॰  परमार्थ उनसे মিল जाय Fl তe সচানা Q करना वो महापुरुष यही तो याद दिलाते हें कि भजन करते रहना, सत्संग वाहिए रहना ओर संसार में मत फसना  छोटे बच्चों में छल कपट नही रहता सुनते ह।वो बड़े भोले रहते हैं। जब बड़े हो जाते हैं॰तो उनमें छल कपट अभियान आ जाता है। शब्दों को पकड़ना बहुत जरूरी है। अगर शब्द छूट गया तो में नही आएगा। समझ कुछ बिहूना  गुरु माथे से ऊतरे शब्द होय। ताको काल घर्सींटिहे रोक सक ना कोय।। जैसे मछली को पानी से प्यार होता है। उसी तरह से प्रेमी को गुरु  से प्यार होना चाहिए। जब प्यार करने लगोगे तब दीनता दीनता आएगी दीदार कहने எ f मालिक নন होना चाहिए। मालिक को आएगी है दया करेगा| लेकिन जब प्यार ही नही है ऐसे ही आप आओगे रहमान नही करेगा तोवह हर चीज अपना तरीका होता है। दया 01 नाओगे आप धर्म से अलग हो गए कर्म से अलग हो गए॰  महात्माओं से लग हो गए तो आप का कोई रक्षक नहीं। जब प्यार करोगे 3ITq 37 वो नाम डोरी पकड़ा देंगे वही सुरत का आधार है वही सुरत की रक्षा जब नाम डोरी नहीं पकड़ोगे तो तुम्हें कैसे मालूम होगा कि सुरत रेगा भेदी मिलेगा तो कर आई। जव वह कहेगा कि यह दरवाजा है ठसे उतर पर बैठकर पुकार करो। खटखटाओ इस जब सच्ची पुकार होती है মেকী दया तत्काल होती है। लेकिन बैठकर हृदय से दीन भाव दरवाजे पर करनी होगी। सुरत का दरवाजा अन्दर है वर्हीं से बह पुकार करती पुकार  ই কি ই মালিক বযা कर- हम युग युग से बिछुड़े हैं॰ हमें मिल जा। यह की करामात है कि सुरत को नाम से जोड़ दिया। महापुरुषों सदाचारी बालसघ (२८ जून २००६ जुलाई २००६) ম & शाकाहारी मथुरा आश्रम दैनिक लघु प्रवचन जयगुरुदेव जी [ बाबा महाराज द्वारा ) ये हे॰  परमार्थ उनसे মিল जाय Fl তe সচানা Q करना वो महापुरुष यही तो याद दिलाते हें कि भजन करते रहना, सत्संग वाहिए रहना ओर संसार में मत फसना  छोटे बच्चों में छल कपट नही रहता सुनते ह।वो बड़े भोले रहते हैं। जब बड़े हो जाते हैं॰तो उनमें छल कपट अभियान आ जाता है। शब्दों को पकड़ना बहुत जरूरी है। अगर शब्द छूट गया तो में नही आएगा। समझ कुछ बिहूना  गुरु माथे से ऊतरे शब्द होय। ताको काल घर्सींटिहे रोक सक ना कोय।। जैसे मछली को पानी से प्यार होता है। उसी तरह से प्रेमी को गुरु  से प्यार होना चाहिए। जब प्यार करने लगोगे तब दीनता दीनता आएगी दीदार कहने எ f मालिक নন होना चाहिए। मालिक को आएगी है दया करेगा| लेकिन जब प्यार ही नही है ऐसे ही आप आओगे रहमान नही करेगा तोवह हर चीज अपना तरीका होता है। दया 01 नाओगे आप धर्म से अलग हो गए कर्म से अलग हो गए॰  महात्माओं से लग हो गए तो आप का कोई रक्षक नहीं। जब प्यार करोगे 3ITq 37 वो नाम डोरी पकड़ा देंगे वही सुरत का आधार है वही सुरत की रक्षा जब नाम डोरी नहीं पकड़ोगे तो तुम्हें कैसे मालूम होगा कि सुरत रेगा भेदी मिलेगा तो कर आई। जव वह कहेगा कि यह दरवाजा है ठसे उतर पर बैठकर पुकार करो। खटखटाओ इस जब सच्ची पुकार होती है মেকী दया तत्काल होती है। लेकिन बैठकर हृदय से दीन भाव दरवाजे पर करनी होगी। सुरत का दरवाजा अन्दर है वर्हीं से बह पुकार करती पुकार  ই কি ই মালিক বযা कर- हम युग युग से बिछुड़े हैं॰ हमें मिल जा। यह की करामात है कि सुरत को नाम से जोड़ दिया। महापुरुषों - ShareChat