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मगहर में मरने वाला गधा बनता है— इस अंधविश्वास को मिटाने के लिए परमेश्वर कबीर साहेब जी ने मगहर से सशरीर सतलोक गमन किया। संत गरीबदास जी महाराज अपनी वाणी में बताते हैं - गरीब,भूमि भरोसे डूब है, कल्पत है दोहू दीन सब का सतगुरु कुल धनी, मगहर भये ल्यौलीन।। कबीर साहेब वि.स. 1575 सन् 1518 माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी को धार्मिक सामंजस्य और भाईचारे की जो विरासत छोड़कर गए हैं, उसे मगहर में आज भी जीवंत रूप में देखा जा सकता है। मगहर में जहाँ से कबीर जी सहशरीर सतलोक गए थे, वहां आज भी यादगार मौजूद है। कबीर, विहंसी कहयो तब तीनसै, मजार करो संभार। हिन्दू तुरक नहीं हौ, ऐसा वचन हमार।। 508 वर्ष पहले परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन गई और इस तरह की लीला परमात्मा स्वयं ही करते हैं। कबीर साहेब जी 120 वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर लाखों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए। तभी आकाशवाणी करते हैं - "उठा लो पर्दा, नहीं है मुर्दा।" और हुआ भी वैसा ही चादर उठाने पर, शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल मिले। और कबीर परमात्मा सशरीर अपने सतलोक गए। इस भ्रम को तोड़ने के लिए कि जो मगहर में मरता है वह गधा बनता है और काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता है। कबीर परमात्मा मगहर गए। कबीर साहेब के मगहर पहुँचने के बाद बिजली खाँ ने कहा कि महाराज जी स्नान करो। कबीर साहेब ने कहा कि बहते पानी में स्नान करूँगा। बिजली खान ने कहा कि सतगुरू देव यहाँ पर साथ में एक आमी नदी है, वह भगवान शिव के श्राप से सूखी पड़ी है। उसमें पानी नहीं है। उस नदी पर जा कर साहेब ने हाथ से ऐसे इशारा किया था जैसे यातायात (ट्रैफिक) का सिपाही रूकी हुई गाड़ियों को जाने का संकेत करता है। वह आमी नदी पूरी भरकर चल पड़ी। (यह आमी नदी वहाँ पर अभी भी विद्यमान है) सब ने जय जयकार की। -परम संत रामपाल जी महाराज आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज ने परमेश्वर कबीर साहेब जी द्वारा माघ माह शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी विक्रमी संवत 1575 (सन् 1518) को मगहर से लाखों लोगों के सामने से सशरीर सतलोक जाने का वर्णन करते हुए कहा है कि - देख्या मगहर जहूरा सतगुरु, देख्या मगहर जहूरा हो। काशी में कीर्ति कर चाले, झिलमिल देही नूरा हो। कीन्हा मगहर पियाना सतगुरु, कीन्हा मगहर पियाना हो। दोनो दीन चले संग जाके, हिन्दू-मुसलमाना हो।। माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि.सं. 1575 सन् 1518 को अविनाशी परमात्मा कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर सतलोक गये। उनके शरीर के स्थान पर केवल सुगन्धित पुष्प मिले थे।यह भ्रम तोड़ने के लिए कि जो मगहर में मरता है वह गधा बनता है और काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता है। (बन्दी छोड़ कहते थे कि सही विधि से भक्ति करने वाला प्राणी चाहे वह कहीं पर प्राण त्याग दे वह अपने सही स्थान पर जाएगा।) नादानों का भ्रम निवारण करने के लिए कबीर साहेब ने कहा कि मैं मगहर में मरूँगा और सभी ज्योतिषी देख लेना कि मैं कहाँ जाऊँगा? नरक में जाऊँगा या स्वर्ग से भी ऊपर सतलोक में। कबीर परमात्मा सशरीर मगहर से सतलोक गए। उनके शरीर की जगह सुगंधित फूलों का ढेर मिला। हिंदू राजा बीर सिंह बघेल और मुस्लिम राजा बिजली खाँ पठान को कबीर परमात्मा ने सतलोक जाने से पहले कहा जो मेरे जाने के बाद मिले आधा आधा बांट लेना। दो चद्दर और सुगंधित फूल मिले, परमात्मा का शरीर नहीं मिला था। बीरसिंघ बघेला करै बीनती, बिजली खाँ पठाना हो। दो चदरि बकसीस करी हैं, दीनां यौह प्रवाना हो।।हिन्दू व मुसलमान में जो भाईचारे, धार्मिक सामंजस्य का बीज परमेश्वर कबीर जी बो गए थे, उसकी मिसाल मगहर में आज भी देखी जा सकती है। जहां से परमेश्वर कबीर जी सशरीर सतलोक गए थे उस स्थान पर हिन्दू व मुसलमानों ने मंदिर व मजार 100-100 फुट की दूरी में यादगार बना रखी है। कबीर, विहंसे कहयो तब तीनसै, मजार करो संभारा। हिन्दू तुरक नहीं हो, ऐसा वचन हमारा।। हिन्दू मुसलमानो में यह झगड़ा था कि वे अपने गुरु कबीर परमेश्वर जी का अंतिम संस्कार अपनी-अपनी विधि से करना चाहते थे। कबीर जी के शरीर की जगह सुगन्धित पुष्प मिले थे। जिस वजह से हिन्दू मुस्लमान का भयंकर युद्ध टला था। वे सभी एक दूसरे के सीने से लग कर रोये थे जैसे किसी बच्चे की माँ मर जाती है। यह समर्थता कबीर परमेश्वर जी ने दिखाई जिससे गृहयुद्ध टला। #पहचान_अविनाशी_प्रभु_की #GodKabirNirvanDiwas #कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस #NirvanDiwasOfGodKabir #moksha #salvation #ganges #maghar #kashi #banaras #varanasi #nirvana #jaishreeram #hanumanchalisa #sanatandharma #sant ram pal ji maharaj #me follow
sant ram pal ji maharaj - saeeor 8& राजा बीर सिंह बघेल और राजा बिजली खाँ पठान को मुस्लिम कबीर परमात्मा ने सतलोक जाने से पहले कहा जो मेरे जाने के फूल मिले बाद मिले आधा आधा बांट लेना। दो चद्दर और सुगंघित परमात्मा का शरीर नहीं मिला था। बीरसिंघ बघेला करै बीनती , बिजली खाँ पठाना हो | दो चदरि बकसीस करी हैं॰ दीनां ; यौह ' प्रवाना हो ।l संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download কীসিন निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क  CooPy, +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करे के लिये संपरक सूत्र : saeeor 8& राजा बीर सिंह बघेल और राजा बिजली खाँ पठान को मुस्लिम कबीर परमात्मा ने सतलोक जाने से पहले कहा जो मेरे जाने के फूल मिले बाद मिले आधा आधा बांट लेना। दो चद्दर और सुगंघित परमात्मा का शरीर नहीं मिला था। बीरसिंघ बघेला करै बीनती , बिजली खाँ पठाना हो | दो चदरि बकसीस करी हैं॰ दीनां ; यौह ' प्रवाना हो ।l संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download কীসিন निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क  CooPy, +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करे के लिये संपरक सूत्र : - ShareChat