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#आदि #शंकराचार्य ने भारत के चारों दिशाओं में चार प्रमुख मठ स्थापित किए: #श्रृंगेरी मठ (दक्षिण – कर्नाटक) #ज्योतिर्मठ / बद्रीनाथ मठ (उत्तर – उत्तराखंड) #द्वारका शारदा मठ (पश्चिम – गुजरात) #गोवर्धन मठ (पूर्व – पुरी, ओडिशा) इन मठों के प्रमुख को “शंकराचार्य” कहा जाने लगा। शंकराचार्य पदवी... यह कोई जाति या व्यक्तिगत नाम नहीं, बल्कि एक धार्मिक-दार्शनिक पदवी है। हर मठ में गुरु-शिष्य परंपरा से उत्तराधिकारी नियुक्त होता है। मठ के प्रमुख को आदि शंकराचार्य का प्रतिनिधि माना जाता है, इसलिए उन्हें शंकराचार्य कहा जाता है। एक आदि शंकराचार्य जी थे पैदल सारा धर्म प्रसार किया.. आज उनके नाम पर बैठे ये लोग पालकी से उतरकर पैदल पचास मीटर चलकर गंगा स्नान करने को तैयार नहीं हैँ... 😕😕🙏🙏🙏 #साहू समाज साहू परिवार #अब्बड़ सुग्घर हमर छत्तीसगढ़ ❤️🔱🪔 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🤗जया किशोरी जी🕉️
साहू समाज साहू परिवार - आदि शंकराचार्य से ही शंकराचार्य पदवी की शुरुआत हुई.. उन्होंने ही चारों मठ की स्थापना की॰ः पैदल चलकर सारा धर्म काज किया अब तब पूरे भारतभूमि पदयात्रा मैं ५० मीटर भी चलकर नही जाऊंगा कर धर्म का प्रचार करूंगा आदि शंकराचार्य से ही शंकराचार्य पदवी की शुरुआत हुई.. उन्होंने ही चारों मठ की स्थापना की॰ः पैदल चलकर सारा धर्म काज किया अब तब पूरे भारतभूमि पदयात्रा मैं ५० मीटर भी चलकर नही जाऊंगा कर धर्म का प्रचार करूंगा - ShareChat