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#महादेवी वर्मा जयंती “वे मुस्काते फूल नहीं जिनको आता है मुरझाना, वे तारों के दीप नहीं जिनको भाता है बुझ जाना !”— महादेवी वर्मा (26 मार्च 1907 – 11 सितंबर 1987) आधुनिक युग की मीरा, हिंदी साहित्य में छायावादी युग की प्रमुख कवयित्री, 'पद्म विभूषण' से सम्मानित “महादेवी वर्मा जी” कि 119वीं जयंती पर उन्हें शत शत नमन! महादेवी वर्मा जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक वेदना, महिला सशक्तिकरण एवं सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जनमानस को जागरूक किया। उनकी कृतियाँ आज भी हमें समाज सुधार तथा आत्मचिंतन की प्रेरणा देती हैं। #★ महादेवी वर्मा जयन्ति #कवियत्री महादेवी वर्मा जी जयंती #★ महादेवी वर्मा जयन्ती #महादेवी वर्मा जन्मदिन जयंती
महादेवी वर्मा जयंती - २६ माचं २०२६ वे मुस्काते फूल नहीं जिनको आता है मुरझाना |  @Harish _ Jahirey 26 Mar. वे तारों के दीप नहींजिनको भाता है बुझ जाना Il हिन्दी साहित्य में छायावादी युग की प्रख्यात कवयित्री சுபபிபுசfபி की जयंती पर शत्न्शत् নমন ११ सितंबर १९८७ ) २६ मार्च १९०७ 5 O/harishjahirey dn २६ माचं २०२६ वे मुस्काते फूल नहीं जिनको आता है मुरझाना |  @Harish _ Jahirey 26 Mar. वे तारों के दीप नहींजिनको भाता है बुझ जाना Il हिन्दी साहित्य में छायावादी युग की प्रख्यात कवयित्री சுபபிபுசfபி की जयंती पर शत्न्शत् নমন ११ सितंबर १९८७ ) २६ मार्च १९०७ 5 O/harishjahirey dn - ShareChat