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#ઓશો રજનીશ
ઓશો રજનીશ - मनुष्यने ईधरतीन सौ सालों में जो कुछ भी पाया है उसे पाने से भीतर अहँकार मिला | उसे लगता है कि अब मैं सब कुछ कर सकता हूँ और जितना भी अहँकार मजबूत होता है, उतनी ही नास्तिकता सघन हो जाती है | मनुष्यने ईधरतीन सौ सालों में जो कुछ भी पाया है उसे पाने से भीतर अहँकार मिला | उसे लगता है कि अब मैं सब कुछ कर सकता हूँ और जितना भी अहँकार मजबूत होता है, उतनी ही नास्तिकता सघन हो जाती है | - ShareChat