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#मेरा अनुभव मेरे विचार #समाजिक जागरूकता मिशन #विचार सागर #मेरे विचार मेरा अनुभव..✍️ #गौतम बुद्ध विचार
मेरा अनुभव मेरे विचार - और सूखी हुई नदी के किनारे इस उम्मीद में बैठा एक यात्री एक पुरानी  था कि कभी इसमें पानी आएगा और उसकी प्यास  ತ5fl वह उस स्थान के मोह में इतना बँधा था कि उसने पास ही बहते हुए झरने की आवाज़़ को भी अनसुना कर दिया। बुद्ध ने उसे देखकर कहा, " तुम अतीत की स्मृतियों और उन चीज़ों के मोह में जी रहे हो जो अब जा चुकी हैं।" उन्होंने समझाया कि जो बदल गया है उसे पकड़ कर रखना ही सबसे बड़ा दुख है। संसार परिवर्तनशील है और जो आज तुम्हारा है, वह कल किसी और का होगा। इस सत्य को स्वीकार कर लेना ही मोह से मुक्ति और शांति का एकमात्र मार्ग है और सूखी हुई नदी के किनारे इस उम्मीद में बैठा एक यात्री एक पुरानी  था कि कभी इसमें पानी आएगा और उसकी प्यास  ತ5fl वह उस स्थान के मोह में इतना बँधा था कि उसने पास ही बहते हुए झरने की आवाज़़ को भी अनसुना कर दिया। बुद्ध ने उसे देखकर कहा, " तुम अतीत की स्मृतियों और उन चीज़ों के मोह में जी रहे हो जो अब जा चुकी हैं।" उन्होंने समझाया कि जो बदल गया है उसे पकड़ कर रखना ही सबसे बड़ा दुख है। संसार परिवर्तनशील है और जो आज तुम्हारा है, वह कल किसी और का होगा। इस सत्य को स्वीकार कर लेना ही मोह से मुक्ति और शांति का एकमात्र मार्ग है - ShareChat