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#santrampaljimaharaj #GodMorningWednesday #किसानगौरव_सम्मान_संतरामपालजी . वियोग मैं रोवत हूं सृष्टि को, सृष्टि रोवत मोहे। गरीबदास इस वियोग को, समझ ना सका कोये। हम इस काल भगवान के साथ अपने स्वामी को छोडकर आ गये। यह हमारी सबसे बडी भुल थी। हमारे भगवान हम सब की पहली और सबसे बड़ी ग़लती जो माफी के लायक भी नहीं थी, वो भी माफ करके इस कसाई के लोक में आए है, अपने घर को छोड़कर हम सब के लिए इस गंद में दुःखी हो रहे हैं । बार-बार हमें समझाते है कि बेटा कुछ नहीं रखा यहां पर, जो कुछ और सब कुछ है तो सिर्फ और सिर्फ अपने असली घर सतलोक में है, बार-बार इस गंदी जगह के दुख दिखा कर वहां चलने के लिए कहते है, हमारे लिए इतना कष्ट उठा रहे है, कभी काल के बहकाए हुए उसके बच्चे और नादान बहन भाई उनको पत्थर मारते हैं। कभी गालियां देते हैं। कभी गुंडा बोलते हैं। हम उनकी एक नहीं सुनना चाहते। कम से कम उनका ज्ञान तो सुनना चाहिये। जब भोले बाबा को माता सति का वियोग हुआ तो वो भी व्याकुल और आपे से बाहर हो गये। क्योंकि इस संसार में कोई किसी को खोना नहीं चाहता है चाहे छोटे छोटे जीव हो या मनुष्य, देव या महादेव कोई अपने को खोना नहीं चाहता। अब श्रवण कुमार जी को देख लिजिए माता पिता का सेवक उनको भगवान की भातिं समझ कर सेवा कर रहा था और महाराज दशरथ के हाथों स्वर्ग सिधार गये। श्रवण के सूरदास माता पिता को भी बडी़ आत्मीय पीडा़ हुई और स्वयं भी प्राण त्याग गये और महाराज दशरथ को भी श्राप दे गयें। कोई किसी को खोना नहीं चाहता फिर भी सब यह संसार छोडकर जीते मरते हैं और अपनो से बिछड़ जाते हैं | इसलिए कबीर साहेब जी कहते हैं कि आप सब चाहें वो देव महादेव हो या हाथी से चींटी सब सतलोक में रहा करते थे वहाँ इस काल के साथ यहाँ पिकनिक मनाने आये हो और पिकनिक तो छोड़ो इस काल ने यहाँ अपने नौकर से बनाकर रख दिया है | Visit Sa News YouTube
santrampaljimaharaj - मैं रोवत हूं सृष्टि को, यह सृष्टि रोवे मोहे। गरीबदास इस बियोग को, समझ ना सकता कोय मैं रोवत हूं सृष्टि को, यह सृष्टि रोवे मोहे। गरीबदास इस बियोग को, समझ ना सकता कोय - ShareChat