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#mahakaal
mahakaal - मांगना हो परमात्मा से प्रार्थना में कुछ तो इतना ही मांगना कि सुख- दुख में सम रहने की क्षमता दो। क्यों? क्योंकि जिसॅमें यह क्षमता आ गई, वह परमात्मा मांगना हो तो इतना ही को पाने का पात्र हो जाता है मांगना कि शत्रु और मित्र को समान रूप से देख सकूंः कांटे और फूलँ को समदृष्टि से देख सकूं, क्योंकि जिसमें समता की दृष्टि आ गई॰ सम्यकत्व आ गया, नहीं | सम्यकत्व समाधि की ही उसकी समाधि ؟٤٤١ पहली किरण है ओर जहां समाधि की [ CO०D MORNING. पगध्वनि सुनी जाती| ओओशो HAVtಂAGREATDAy AHtAD मांगना हो परमात्मा से प्रार्थना में कुछ तो इतना ही मांगना कि सुख- दुख में सम रहने की क्षमता दो। क्यों? क्योंकि जिसॅमें यह क्षमता आ गई, वह परमात्मा मांगना हो तो इतना ही को पाने का पात्र हो जाता है मांगना कि शत्रु और मित्र को समान रूप से देख सकूंः कांटे और फूलँ को समदृष्टि से देख सकूं, क्योंकि जिसमें समता की दृष्टि आ गई॰ सम्यकत्व आ गया, नहीं | सम्यकत्व समाधि की ही उसकी समाधि ؟٤٤١ पहली किरण है ओर जहां समाधि की [ CO०D MORNING. पगध्वनि सुनी जाती| ओओशो HAVtಂAGREATDAy AHtAD - ShareChat