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#📖 कविता और कोट्स✒️ #📃लाइफ कोट्स ✒️ #💚 लाइफ़ की शायरी #एक रचना रोज़✍ #😌 अकेलापन शायरी
📖 कविता और कोट्स✒️ - एक घर बनाते बनाते जिंदगी बीत जाती है॰ और जब वो बनकर तैयार होता है॰॰० तो उसमें जीने की उम्र ही कम रह जाती है ईट ईट जोड़ते हुए, हम अपने ही अरमानों को टालते जाते हैं, "आज नहीं... कल सही " कहते कहते साल गुज़र जाते हैं छत त्तो मिल जाती है सिर पर, पर सुकून कहीं रास्तों में छूट जाता है, और जिस घर के लिए जीते हैं पूरी उम्र. उसी में जीने का वक़्त कम पड़ जाता है. एक घर बनाते बनाते जिंदगी बीत जाती है॰ और जब वो बनकर तैयार होता है॰॰० तो उसमें जीने की उम्र ही कम रह जाती है ईट ईट जोड़ते हुए, हम अपने ही अरमानों को टालते जाते हैं, "आज नहीं... कल सही " कहते कहते साल गुज़र जाते हैं छत त्तो मिल जाती है सिर पर, पर सुकून कहीं रास्तों में छूट जाता है, और जिस घर के लिए जीते हैं पूरी उम्र. उसी में जीने का वक़्त कम पड़ जाता है. - ShareChat