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खुली ज़ुल्फ़ों में उतरी सुनहरी धूप लिए आँखो में ख़्वाब से रूप लिए तुम आना कि मुस्कुरायें लब तुमसे मिले हैं जग को बतायें लब मैं लिखता फिरूँ फूलों सी हँसी पर तुम्हारी मुस्कानों पर तुम्हारी मैं सजता रहूँ तुम आना कि जगमगाए जग मैं रंग तुम्हारी महकता रहूँ 🌸🌺 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #सिर्फ तुम #😘बस तुम और मैं #🌞 Good Morning🌞
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - तुम आना कि, मन की महके फिज़ा उदासियाँ मन की दूर हों तुम आना कि, मन की महके फिज़ा उदासियाँ मन की दूर हों - ShareChat