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✊ इतिहास जिसे भुला दिया गया ✊ 1848 | पुणे जब लड़कियों को पढ़ना “गुनाह” माना जाता था तब दो औरतें खड़ी हुईं समाज के ख़िलाफ़ सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका फ़ातिमा शेख भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका इन्होंने मिलकर लड़कियों के लिए पहला स्कूल चलाया पत्थर पड़े, गालियाँ मिलीं लेकिन कलम नहीं रुकी शिक्षा कोई दान नहीं — हक़ है नारी शिक्षा = सामाजिक क्रांति #Breakingnews #💞دعا میں یاد رکھنا 🤲🏻 #💐 آداب 👐 #🥘پسندیدہ ڈش #👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑
Breakingnews - इतिहास जिसे भुला दिया गया पुणे 1848 जव लइकियों को पहना ' गुनाह ' माना जाता था तव दों ओरतें खडो हुर्ड समाज के खिलाफ सावित्रीबाईपुले फातिमा शेख भारत को पहलों भारत को पहलो मुस्लिम भहिला शिशिका महिला शिक्षिका ভ্রনযীন মিলকয लडकियों के लिए पहला रकूल चलाया पत्यर पड्े़, गालियों मिलों लेकिन कलम नर्हीरुको शिक्षा कोई दान नही = हक़ है नारी शिक्षा = सामाजिक क्राति इतिहास जिसे भुला दिया गया पुणे 1848 जव लइकियों को पहना ' गुनाह ' माना जाता था तव दों ओरतें खडो हुर्ड समाज के खिलाफ सावित्रीबाईपुले फातिमा शेख भारत को पहलों भारत को पहलो मुस्लिम भहिला शिशिका महिला शिक्षिका ভ্রনযীন মিলকয लडकियों के लिए पहला रकूल चलाया पत्यर पड्े़, गालियों मिलों लेकिन कलम नर्हीरुको शिक्षा कोई दान नही = हक़ है नारी शिक्षा = सामाजिक क्राति - ShareChat