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#❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👫 हमारी ज़िन्दगी #🙏सुविचार📿
❤️जीवन की सीख - ५ख़ुद से ख़ुद तक ' जंगल जंगल ढूँढ रहा मृग अपनी ही कस्तूरी को, भटका फिरता उम्र भर, अपनी ही मजबूरी को। कितना मुश्किल होता है यह तय करना सच में , ख़ुद से ख़ुद की दूरी को। आईने में चेहरा दिखता , पर पहचान नहीं मिलती, भीतर गूँजती आवाज़ें , पर कोई जान नहीं मिलती। की भीड़ में खोकर, सब कुछ पा लेने पर भी, दुनिया मन की खाली झोली भरने की थाह नहीं मिलती। भीतर जिसे तलाशा राहों में, वह बैठा था मन के जिसे समझा दूर कहीं , वह था सबसे अधिक निकटतर। अपनी दौड़ में हम, सच से रहते दूर ही, मृग सी की खुशबू बनकर, रहती आत्मा पास ही। कस्तूरी Gupta Ji Your uote.in ५ख़ुद से ख़ुद तक ' जंगल जंगल ढूँढ रहा मृग अपनी ही कस्तूरी को, भटका फिरता उम्र भर, अपनी ही मजबूरी को। कितना मुश्किल होता है यह तय करना सच में , ख़ुद से ख़ुद की दूरी को। आईने में चेहरा दिखता , पर पहचान नहीं मिलती, भीतर गूँजती आवाज़ें , पर कोई जान नहीं मिलती। की भीड़ में खोकर, सब कुछ पा लेने पर भी, दुनिया मन की खाली झोली भरने की थाह नहीं मिलती। भीतर जिसे तलाशा राहों में, वह बैठा था मन के जिसे समझा दूर कहीं , वह था सबसे अधिक निकटतर। अपनी दौड़ में हम, सच से रहते दूर ही, मृग सी की खुशबू बनकर, रहती आत्मा पास ही। कस्तूरी Gupta Ji Your uote.in - ShareChat