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#सुविचार #🌸जय श्री श्याम
सुविचार - 34 होते हैं तो उस समय जब हम नादान बच्चे (గాగె हमारे अन्दर बुरी आदतें नहीं होतीं , जैसे ही बड़े होते हैं और संगत में गिरते हैं हमारे ؟٢ आदतों को आने लगते हैं। इन अंदर ತ दुर्गण लिए हमें साधुओं अथवा भक्तों का छोड़ने के संग करना होगा | तब हम इन्हें छोड़ सकते हैं। हैं, अर्थात् सभी अनर्थ निवृत्ति इसे कहते आदतों से अवांछित मुक्ति बुरी 1 जय श्री श्याम 34 होते हैं तो उस समय जब हम नादान बच्चे (గాగె हमारे अन्दर बुरी आदतें नहीं होतीं , जैसे ही बड़े होते हैं और संगत में गिरते हैं हमारे ؟٢ आदतों को आने लगते हैं। इन अंदर ತ दुर्गण लिए हमें साधुओं अथवा भक्तों का छोड़ने के संग करना होगा | तब हम इन्हें छोड़ सकते हैं। हैं, अर्थात् सभी अनर्थ निवृत्ति इसे कहते आदतों से अवांछित मुक्ति बुरी 1 जय श्री श्याम - ShareChat