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#आज का इतिहास
आज का इतिहास - आज काइतिह्ास विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को वैरिवक महामारी घोषित किया पिषठलेतीन बसतुमिमा के निपकिसी द्वःखानने कमनृईी पिष्ठले तीन बरस दुनिया के लिए किसी  कोरोना का बवंडर कुष्ठ ही दिनों में हर तरफ तबाही मचाने लगा। दो बरस पहले ११  मार्च २०२१ को विश्व में ११ करोड़ से ज्यादा लोगों के कोरोना महामारी से पीड़ति होने की खबर आई थी और इससे ठीक एक वर्ष पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक वैरिवक महामारी घोषित कर दिया था और पूरी मानव जाति के अस्तित्व पर मंडराते इस खतरे से मुकाबले के लिए सारी  एकजूट हो বুনিযা  गई थी। समूचे विश्व को कोरोना का प्रकोप झेलते हुए तीन वर्ष  समय बीत चुका है। जनवरी २०२० में डब्ल्यूएचओ सेज्यादा का ने निमोनिया जैसा संक्रमण फैलने की जानकारी दी थी लेकिन इसके कारण अथवा निदान के बारे में कुछ नहीं बताया गया था। भारत में ३१ जनवरी को कोरोना का पहला मरीज सामने आया और ३१ जनवरी को ही इसे डब्ल्यूएचओ ने स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। उसके बाद आने वाले हर दिन के साथ इस बीमारी का प्रकोप बढ़ता रहा और दो वर्ष पहले ११ मार्च को जिसे वैरिवक महामारी घोषित किया गया था। आज काइतिह्ास विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को वैरिवक महामारी घोषित किया पिषठलेतीन बसतुमिमा के निपकिसी द्वःखानने कमनृईी पिष्ठले तीन बरस दुनिया के लिए किसी  कोरोना का बवंडर कुष्ठ ही दिनों में हर तरफ तबाही मचाने लगा। दो बरस पहले ११  मार्च २०२१ को विश्व में ११ करोड़ से ज्यादा लोगों के कोरोना महामारी से पीड़ति होने की खबर आई थी और इससे ठीक एक वर्ष पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक वैरिवक महामारी घोषित कर दिया था और पूरी मानव जाति के अस्तित्व पर मंडराते इस खतरे से मुकाबले के लिए सारी  एकजूट हो বুনিযা  गई थी। समूचे विश्व को कोरोना का प्रकोप झेलते हुए तीन वर्ष  समय बीत चुका है। जनवरी २०२० में डब्ल्यूएचओ सेज्यादा का ने निमोनिया जैसा संक्रमण फैलने की जानकारी दी थी लेकिन इसके कारण अथवा निदान के बारे में कुछ नहीं बताया गया था। भारत में ३१ जनवरी को कोरोना का पहला मरीज सामने आया और ३१ जनवरी को ही इसे डब्ल्यूएचओ ने स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। उसके बाद आने वाले हर दिन के साथ इस बीमारी का प्रकोप बढ़ता रहा और दो वर्ष पहले ११ मार्च को जिसे वैरिवक महामारी घोषित किया गया था। - ShareChat