ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ अनसुनी शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - `al यनमहे न्यम्बक पुषिवर्धतना सविय ه खामोशी को समझने वाले अगर मिल जाए तो, S दुख भी बया करने की जरूरत नहीं पड़ती !  `al यनमहे न्यम्बक पुषिवर्धतना सविय ه खामोशी को समझने वाले अगर मिल जाए तो, S दुख भी बया करने की जरूरत नहीं पड़ती ! - ShareChat